राजनीति

पंजाब में सजने लगी मुफ्त चुनावी वायदों की दुकान

एक कहानी है। एक बार एक शेर भेड़ों के झुंड को संबोधित कर रहा था। शेर ने कहा, मेरी सरकार बनी तो मैं सभी भेड़ों को मुफ्त में कंबल दूंगा। जोर-जोर से तालियां बनने लगीं। एक मेमना ने अपनी मां से पूछा। इतने कंबल के लिए तो बहुत सारा ऊन लगेगा। यह ऊन कहां से आएगा। मां ने जवाब दिया, निकाला तो हम ही से जाएगा। 2022 के विधान सभा चुनाव को लेकर यह कहावत फिट बैठती है। सभी राजनीतिक दलों ने अपनी वायदों की दुकानें सजा ली हैं।

Related posts

ओमिक्रोन वैरिएंट के बढ़ते संक्रमण के कारण उत्तर प्रदेश में कल से रात्रिकालीन कोरोना कर्फ्यू

GIL TV News

कोलकाता के चर्च में क्रिसमस की प्रार्थना सभा में शामिल हुईं ममता बनर्जी

GIL TV News

जनता दरबार में आवेदन देखते ही मुस्‍कुरा पड़े सीएम नीतीश कुमार

GIL TV News

Leave a Comment