Spiritual/धर्म

जानिए, कब है गज लक्ष्मी व्रत? तिथि

राधा अष्टमी के दिन से शुरू हुए माता लक्ष्मी के 16 दिन के व्रतों का समापन 29 सितंबर को होगा। माता लक्ष्मी के व्रत राधा अष्टमी से प्रारंभ हो कर अश्विन मास की अष्टमी तिथि तक रखे जाते हैं। अश्विन मास की अष्टमी तिथि पर गज लक्ष्मी का व्रत रखने का विधान है। गज लक्ष्मी, अष्ट लक्ष्मी का एक रूप हैं जिनके पूजन से धन-धान्य और संपन्नता की प्राप्ति होती है। गज लक्ष्मी का व्रत संपूर्ण पितर पक्ष का एकमात्र दिन है जिस दिन सोना या संपत्ति खरीदना शुभ माना जाता है।गज लक्ष्मी का व्रत अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है। पंचांग गणना के अनुसार अष्टमी कि तिथि 28 सितंबर को शाम 06 बजकर 07 मिनट से शुरू होकर 29 सितंबर को शाम 08 बजकर 29 मिनट तक रहेगी। माता लक्ष्मी का पूजन शाम को होने के कारण कुछ लोग 28 सितंबर को ही गज लक्षमी का व्रत रख रहे हैं। लेकिन उदया तिथि के नियम के अनुरूप अष्टमी तिथि 29 सितंबर को ही मानी जाएगी। इस लिए गज लक्ष्मी का व्रत 29 सितंबर को ही रखना शुभ होगा।राधा अष्टमी के दिन से शुरू हुए माता लक्ष्मी के 16 दिन के व्रतों का समापन 29 सितंबर को होगा। माता लक्ष्मी के व्रत राधा अष्टमी से प्रारंभ हो कर अश्विन मास की अष्टमी तिथि तक रखे जाते हैं। अश्विन मास की अष्टमी तिथि पर गज लक्ष्मी का व्रत रखने का विधान है। गज लक्ष्मी, अष्ट लक्ष्मी का एक रूप हैं जिनके पूजन से धन-धान्य और संपन्नता की प्राप्ति होती है। गज लक्ष्मी का व्रत संपूर्ण पितर पक्ष का एकमात्र दिन है जिस दिन सोना या संपत्ति खरीदना शुभ माना जाता है।गज लक्ष्मी का व्रत अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है। पंचांग गणना के अनुसार अष्टमी कि तिथि 28 सितंबर को शाम 06 बजकर 07 मिनट से शुरू होकर 29 सितंबर को शाम 08 बजकर 29 मिनट तक रहेगी। माता लक्ष्मी का पूजन शाम को होने के कारण कुछ लोग 28 सितंबर को ही गज लक्षमी का व्रत रख रहे हैं। लेकिन उदया तिथि के नियम के अनुरूप अष्टमी तिथि 29 सितंबर को ही मानी जाएगी। इस लिए गज लक्ष्मी का व्रत 29 सितंबर को ही रखना शुभ होगा।

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